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| संकष्टी चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत भी रखा जाता है |
संकष्टी चतुर्थी व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित है इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने दो चतुर्थी तिथि आती है, शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है और शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है।
कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत भी रखा जाता है इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव जी की पूजा अर्चना की जाती है इसके साथ ही दिन भर व्रत रखने के उपरांत शाम को चंद्रमा के दर्शन और अर्घ देने के बाद व्रत खोलती हैं। इस वर्ष करवा चौथ व्रत 13 अक्टूबर 2022 को रखा जाएगा।
शिव पार्वती जी के साथ गणेश चंद्र देव की पूजा
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रखकर संध्याकाल में नए वस्त्र श्रृंगार दुल्हन की तरह सज धज कर शिव पार्वती गणेश और चंद्र देव की पूजा करने के बाद चंद्रमा को छननी से देखकर उन्हें अर्घ्य देती हैं।
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय और पूजा मुहूर्त
करवा चौथ पूजा मुहूर्त - 06:17 PM से 07:31 PM
अवधि - 01 घण्टा 13 मिनट्स
करवा चौथ व्रत समय - 06:32 AM से 08:48 PM
अवधि - 14 घण्टे 16 मिनट्स
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय - 08:48 पी एम
आचार्य दिनेश पाण्डेय (मुम्बई & उत्तराखण्ड)
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